Sunday, 24 July 2022

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Sunday, 3 July 2022

Structure 1

वहां जाना बेवकूफी है।
उसे पीटना मूर्खता है।
उसका जाना बेवकूफी होगी।
हमारा खेलना बेवकूफी थी।
तुमसे बात करना बेवकूफी है।

Tuesday, 14 December 2021

yadi mai na hota hanuman

आश्चर्य की पराकाष्ठा ---
"मैं ना होता तो क्या होता"                  

एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ पकड़ लिया, यह देखकर मैं गदगद हो गया ! यदि मैं कूद पड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता तो क्या होता ? 
बहुधा हमको ऐसा ही भ्रम हो जाता है, मुझे भी लगता कि यदि मै न होता तो सीताजी को कौन बचाता ? परन्तु आज आपने उन्हें बचाया ही नहीं बल्कि बचाने का काम रावण की पत्नी को ही सौंप दिया। तब मै समझ गया कि आप जिससे जो कार्य लेना चाहते हैं, वह उसी से लेते हैं, किसी का कोई महत्व नहीं है !

आगे चलकर जब त्रिजटा ने कहा कि लंका में बंदर आया हुआ है और वह लंका जलायेगा तो मै बड़ी चिंता मे पड़ गया कि प्रभु ने तो लंका जलाने के लिए कहा ही नही है और त्रिजटा कह रही है तो मै क्या करुं ?
पर जब रावण के सैनिक तलवार लेकर मुझे मारने के लिये दौड़े तो मैंने अपने को बचाने की तनिक भी चेष्टा नहीं की, और जब विभीषण ने आकर कहा कि दूत को मारना अनीति है, तो मै समझ गया कि मुझे बचाने के लिये प्रभु ने यह उपाय कर दिया !
आश्चर्य की पराकाष्ठा तो तब हुई, जब रावण ने कहा कि बंदर को मारा नही जायेगा पर पूंछ मे कपड़ा लपेट कर घी डालकर आग लगाई जाये तो मैं गदगद् हो गया कि उस लंका वाली संत त्रिजटा की ही बात सच थी, वरना लंका को जलाने के लिए मै कहां से घी, तेल, कपड़ा लाता और कहां आग ढूंढता, पर वह प्रबन्ध भी आपने रावण से करा दिया, जब आप रावण से भी अपना काम करा लेते हैं तो मुझसे करा लेने में आश्चर्य की क्या बात है !

इसलिये हमेशा याद रखें कि संसार में जो कुछ भी हो रहा है वह सब ईश्वरीय विधान है, हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं, इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि...

"मै न होता तो क्या होता"
जय श्री राम 🚩🚩🚩🚩
Awake India

Saturday, 6 January 2018

मुंहासे ठीक करने के 8 उपाय


मुंहासे(pimples) क्या है -मुंहासे चेहरा का एक रोग है जो  सफ़ेद ,काळा और जले हुए दाग के जैसा दिखाई देता है यह करीब 15 -16 साल के लोगो को होना शुरू हो जाता है ये जब निकलता है तो कभी -कभी दर्द करता है कभी नहीं भी करता है। जब ये ठीक हो जाते है तो इसके जगह पे कला दाग हो जाता है।

मुंहासे होने के कारण -
आजकल मुहासे होने के कई कारण हैं जैसे-
*जंक फ़ूड खाना।
* अत्यधिक गुशा करना। 
*अलग -अलग साबुन और क्रीम बदलना। 
*अत्यधिक तेलिये और चिकना खाना खाने के कारण।
*  ज्यादा रात तक जागने के कारण। 
*अधिक लोशन और क्रीम उपयोग करने के कारण। 

मुंहासे ठीक करने का उपचार  - 
*इससे बचने के लिए कम से कम सात से आठ घंटा सोना चाहिए। 
*बार-बार साबुन और क्रीम नहीं बदलना चाहिए।   
* हर रोज चार से पांच लीटर पानी पिएं। 
*चने का बेसन को पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाएं।  
*निम्बू का रश चेहरे पे लगाने से मुंहासे ठीक हो जाते हैं। 
*सोते समय गोलकी पाउडर को सरसो का तेल में मिला कर चेहरे पर लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और  सुबह गुनगुने पानी से धोलें। 
*सुबह व्याम करने से भी मुंहासे ठीक होते हैं। 
*सुल्तानी मिटी को गुलाब जल में मिलकर पेस्ट  बना ले और उसे दिन में दो से तीन बार लगाएं। 

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